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Pinched nerve : नस दबना (पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ) कà¥à¤¯à¤¾ है?
नसें मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से लेकर रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ तक फैली होती हैं जो पूरे शरीर में मैसेज à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ का कारà¥à¤¯ करती हैं। नसों के दब जाने से शरीर में दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥ हो जाता है। इन संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिà¤à¥¤ पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ या नस दबने की समसà¥à¤¯à¤¾ तब होती है जब ऊतकों के आसपास की नसों जैसे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ (Bone), कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ (Cartilage), मांसपेशियां (Muscles) या टेंडन (Tendon) के ऊपर बहà¥à¤¤ अधिक दबाव पड़ता है। यह दबाव तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बाधित कर देता है, जिसके कारण दरà¥à¤¦, à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€, सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾ और कमजोरी महसूस होती है।
शरीर में कई जगहों पर नस दब सकती है। जैसे कि रीढ़ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ हारà¥à¤¨à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• नरà¥à¤µ रà¥à¤Ÿ पर दबाव डाल सकती है जिसके कारण गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ (Pain) हो सकता है और पैर का पिछला हिसà¥à¤¸à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकता है। इसी तरह कलाई की नस दबने से दरà¥à¤¦ à¤à¤µà¤‚ हाथ और उंगलियां सà¥à¤¨à¥à¤¨ हो सकती हैं। डैमेज या पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ से हलà¥à¤•ा या गंà¤à¥€à¤° नà¥à¤•सान हो सकता है। साथ ही इससे सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है। अगर समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ जाती है तो आपके लिठगंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बन सकती है । इसलिठनसों की समसà¥à¤¯à¤¾ का समय रहते इलाज जरूरी है। इसके à¤à¥€ कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ होते हैं ,जिसे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने पर आप इसकी शà¥à¤°à¥‚आती सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को समठसकते हैं।
कितना सामानà¥à¤¯ है पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ (Pinched Nerves) होना?
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ à¤à¤• आम समसà¥à¤¯à¤¾ है। ये महिला और पà¥à¤°à¥à¤· दोनों में सामान पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है। पूरी दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ में लाखों लोग पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ से पीड़ित हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾ किसी à¤à¥€ उमà¥à¤° के वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानकारी के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
लकà¥à¤·à¤£
नस दबने के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ है? (Symptoms of Pinched Nerves)
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ शरीर के कई सिसà¥à¤Ÿà¤® को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। नस दबने से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤ƒ सिरà¥à¤« दरà¥à¤¦ होता है। जबकि कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ बिना दरà¥à¤¦ के नजर आने लगते हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में ये लकà¥à¤·à¤£ काफी हलà¥à¤•े होते हैं लेकिन धीरे-धीरे काफी गंà¤à¥€à¤° होने लगते हैं जिसके कारण ये लकà¥à¤·à¤£ सामने आने लगते हैं :
नसों में कमजोरी
सà¥à¤¨à¥à¤¨ होना
सनसनाहट और à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€
पेरेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾
मांसपेशियां कमजोर होना
कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› लोगों में इसमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ सामने नहीं आते हैं और अचानक से कà¥à¤› समय के लिठगरà¥à¤¦à¤¨, पीठऔर कमर में नसों पर दबाव पड़ने के कारण तेज दरà¥à¤¦ होता है। नस दबने की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ आमतौर पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के फिजिकल पोजीशन पर निरà¥à¤à¤° करती है।
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को सोते समय सबसे अधिक परेशानी होती है और मांसपेशियां में अकड़न आ जाती है।
इसके अलावा कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ सामने आते हैं :
नसों में सà¥à¤ˆ जैसी चà¥à¤à¤¨
जलन
काम करते समय कमजोरी
रेडिकà¥à¤²à¤° पेन
पेरोनियल नरà¥à¤µ इंजरी
मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब दिखाना चाहिà¤?
ऊपर बताà¤à¤‚ गठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में किसी à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ के सामने आने के बाद आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें। हर किसी के शरीर पर पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ अलग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकता है। इसलिठकिसी à¤à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात कर लें। यदि आपके हाथ और पैर की उंगलियों में लंबे समय तक दरà¥à¤¦, à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€ या कमजोरी महसूस हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚।
कारण
नस दबने के कारण कà¥à¤¯à¤¾ है? (Cause of Pinched Nerves)
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ की समसà¥à¤¯à¤¾ तब होती है जब ऊतकों से घिरे तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं पर बहà¥à¤¤ अधिक दबाव पड़ता है। नसों पर दबाव रेपिटेटिव मोशन या अपने शरीर को लंबे समय तक à¤à¤• ही पोजिशन में रखने, जैसे कि सोते समय कोहनी मोड़ने के कारण हो सकता है।
हमारे शरीर में नसें उन जगहों पर सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमजोर होती हैं जहां वे संकरी जगहों से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¥€ हैं लेकिन कà¥à¤› सॉफà¥à¤Ÿ टिशà¥à¤¯à¥‚ उनकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ करते हैं। नसें अकà¥à¤¸à¤° तब दब जाती हैं जब लिगामेंट, टेंडन और हडà¥à¤¡à¥€ जैसे ऊतकों के बीच सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा दब जाती है। जैसे की रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा में सूजन या दबाव से गरà¥à¤¦à¤¨ और पीठà¤à¤µà¤‚ कमर में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
इसके अलावा गरà¥à¤¦à¤¨, कंधे, बांह और पैर में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो सकता है। सिरà¥à¤« यही नहीं नसों में चोट लगने, रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡ या रिसà¥à¤Ÿ अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, à¤à¤• ही काम करने से नसों में तनाव, सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ और मोटापे के कारण à¤à¥€ पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके अलावा कारà¥à¤ªà¤² टनल के छोटे होने, बोन सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¸, थायरॉयड डिजीज, डायबिटीज, हाथ, कलाई और कंधे का अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤², पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी और लंबे समय तक बेड रेसà¥à¤Ÿ करने के कारण नसें दब सकती हैं।
जोखिम
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ (Pinched Nerves) के साथ मà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं?
नस दबने से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को हलà¥à¤•ी या गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं। यदि पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ थोड़े समय तक रहता है तो आमतौर पर तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा में कोई सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ डैमेज नहीं होता है। à¤à¤• बार दबाव कम होने पर आराम मिल जाता है और नसें सामानà¥à¤¯ रà¥à¤ª से कारà¥à¤¯ करने लगती हैं। हालांकि यदि पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° लगातार बना रहे तो गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ होने के साथ ही नसें सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रà¥à¤ª से डैमेज हो सकती हैं। अधिक जानकारी के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
उपचार
यहां पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ की गई जानकारी को किसी à¤à¥€ मेडिकल सलाह के रूप ना समà¤à¥‡à¤‚। अधिक जानकारी के लिठहमेशा अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ का निदान कैसे किया जाता है? (Daignosis of Pinched Nerves)
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ का पता लगाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° शरीर की जांच करते हैं और मरीज का पारिवारिक इतिहास à¤à¥€ देखते हैं। इस बीमारी को जानने के लिठकà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ कराठजाते हैं :
à¤à¤•à¥à¤¸-रे- हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‡ करके असमानà¥à¤¯à¤¤à¤¾, डिसà¥à¤• डैमेज होने और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ संकरी होने जैसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाया जाता है।
सीटी सà¥à¤•ैन- इससे सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ में बोन सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¸ विकसित होने का पता लगाया जाता है।
à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ- गरà¥à¤¦à¤¨ की à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ की जाती है और सॉफà¥à¤Ÿ टिशà¥à¤¯à¥‚ओं के डैमेज होने और नसों पर दबाव पड़ने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाया जाता है। इसके साथ ही रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ और नरà¥à¤µ रà¥à¤Ÿ के डैमेज होने की जांच à¤à¥€ की जाती है।
इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤®à¤¾à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤«à¥€- ईà¤à¤®à¤œà¥€ के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ के जरिठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मांसपेशियों में इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¡ डालते हैं और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•ल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ से मांसपेशियों के सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¥‡ और फैलने की जांच करते हैं।
कà¥à¤› मरीजों में नस दबने का पता लगाने के लिठनसों में करेंट दिया जाता है और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा के डैमेज होने या सॉफà¥à¤Ÿ ऊतकों पर दबाव पड़ने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाया जाता है।
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ का इलाज कैसे होता है? (Treatment for Pinched Nerves)
पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ का कोई सटीक इलाज नहीं है। लेकिन, कà¥à¤› थेरिपी और दवाओं से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ के असर को कम किया जाता है। नस दबने के लिठकई तरह की मेडिकेशन की जाती है :
नॉन सà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¥‰à¤¯à¤¡à¤² à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸ जैसे à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ (Asprin), इबà¥à¤ªà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨, नेपà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¨ से दरà¥à¤¦ और अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम किया जाता है।
सूजन और दरà¥à¤¦ को दूर करने के लिठओरल कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ो सà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ दिया जाता है। साथ ही गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ को कम करने के लिठनारà¥à¤•ोटिकà¥à¤¸ दिया जाता है।
सà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ इंजेकà¥à¤¶à¤¨ (Steroids Injection) सूजन को कम करने के साथ ही नसों को सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में लाने में मदद करता है।
लगातार इलाज के बाद à¤à¥€ पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ की समसà¥à¤¯à¤¾ कई हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ या महीनों तक ठीक नहीं होती है तो नसों पर दबाव को कम करने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° सरà¥à¤œà¤°à¥€ करने की सलाह देते हैं। सरà¥à¤œà¤°à¥€ से बोन सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¸ या रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ में हरà¥à¤¨à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• को निकाल दिया जाता है।
इसके अलावा पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ को ठीक करने के लिठकà¥à¤› मरीजों को फिजिकल थेरेपी दी जाती है जिसमें उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और मांसपेशियों को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करना सीखाया जाता है। इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ की नसों पर दबाव कम होता है और नसें पहले की तरह सामानà¥à¤¯ हो जाती हैं। इसके साथ ही सà¥à¤ªà¤²à¤¿à¤‚ट या सॉफà¥à¤Ÿ कॉलर लिमिट मोशन से मांसपेशियों में अकड़न को कम किया जाता है। जीवनशैली और आदतों में बदलाव करके à¤à¥€ पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ से काफी हद तक बचा जा सकता है।
घरेलू उपचार
जीवनशैली में होने वाले बदलाव कà¥à¤¯à¤¾ हैं, जो मà¥à¤à¥‡ पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ को ठीक करने में मदद कर सकते हैं?
अगर आप पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ से पीड़ित हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको सही पोजिशन में बैठने, उठने और सोने के लिठकहेंगे। इसके साथ ही पैरों को कà¥à¤°à¤¾à¤¸ करके बैठने या à¤à¤• ही पोजिशन में लंबे समय तक काम करने के लिठमना करेंगे। मांसपेशियों को लचीला बनाने के लिठनियमित à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करना काफी फायदेमंद है। सिरà¥à¤« इतना ही नहीं किसी à¤à¥€ तरह की अधिक रेपिटेटिव à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करने से बचना चाहिठऔर अपने वजन को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना चाहिà¤à¥¤
कई बार शरीर के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ को आराम देने से à¤à¥€ पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत मिल सकती है। गरà¥à¤¦à¤¨, बांह, कमर या कंधे की नस दबने पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आराम करना चाहिठऔर किसी à¤à¥€ तरह का à¤à¤¾à¤°à¥€ काम करने से बचना चाहिà¤à¥¤ इसके साथ ही हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की मजबूती के लिठआयरन और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥‚र आहार का सेवन करना चाहिà¤à¥¤ पिंचà¥à¤¡ नरà¥à¤µ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को निमà¥à¤¨ आहार लेना चाहिà¤:
सेब
दूध
दही
पनीर
बादाम
अखरोट
फल
जूस
नसें दबने पर हलà¥à¤•े लकà¥à¤·à¤£ नजर आने पर मसाज या मसलà¥à¤¸ के सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करना फायदेमंद होता है। इसके अलावा मांसपेशियों या नसों में सूजन होने पर सिंकाई करना चाहिà¤à¥¤ अगर पैर, हाथ और शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€, सनसनाहट या अनà¥à¤¯ दिकà¥à¤•तें होने à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° होने पर घरेलू उपचार की बजाय बिना लापरवाही किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाकर इलाज कराना चाहिà¤à¥¤
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